मेरुवर्णनम्—प्रमाण, दिग्विभाग, देवपुरी-विमान-निवासाः
चतुरशीतिसाहस्रम् उत्सेधेन प्रकीर्तितः प्रविष्टः षोडशाधस्ताद् विस्तृतः षोडशैव तु
caturaśītisāhasram utsedhena prakīrtitaḥ praviṣṭaḥ ṣoḍaśādhastād vistṛtaḥ ṣoḍaśaiva tu
उसकी ऊँचाई चौरासी हजार (योजन आदि) कही गई है। वह नीचे की ओर सोलह (माप) तक धँसा हुआ है और उतना ही सोलह (माप) तक फैला हुआ भी है।
Suta Goswami (narrating to the sages of Naimisharanya)