मेरुवर्णनम्—प्रमाण, दिग्विभाग, देवपुरी-विमान-निवासाः
ब्रह्मविष्णुमहेशानां तथान्येषां निकेतनम् सर्वभोगयुतं पुण्यं दीर्घिकाभिर्नगोत्तमम्
brahmaviṣṇumaheśānāṃ tathānyeṣāṃ niketanam sarvabhogayutaṃ puṇyaṃ dīrghikābhirnagottamam
वह ब्रह्मा, विष्णु और महेश तथा अन्य देवगणों का पवित्र निकेतन है। वह पुण्यदायक, सर्वमंगलमय, समस्त शुभ भोगों से युक्त और दीर्घ पवित्र सरोवरों से सुशोभित परम पर्वत है।
Suta Goswami (narrating to the sages of Naimisharanya; contextual attribution)