जम्बूद्वीपस्य नववर्षविभागः रुद्रस्य अष्टक्षेत्रसन्निधिः नाभि-ऋषभ-भरतकथा
बभूव तस्मिंस्तद्राज्यं भरतः संन्यवेशयत् पुत्रसंक्रामितश्रीको वनं राजा विवेश सः
babhūva tasmiṃstadrājyaṃ bharataḥ saṃnyaveśayat putrasaṃkrāmitaśrīko vanaṃ rājā viveśa saḥ
तब भरत ने उस राज्य की विधिवत स्थापना की। पुत्र को राजलक्ष्मी और शासनभार सौंपकर वह राजा स्वयं वन में प्रविष्ट हुआ—वैराग्य धारण कर, यह जानकर कि पशु (जीव) का परम आश्रय केवल पति, भगवान् शिव हैं।
Suta Goswami