सप्तद्वीप-सप्तसमुद्र-वर्णनम् तथा प्रियव्रतवंश-राज्यविभागः
मेधातिथेस्तु पुत्रैस्तैः प्लक्षद्वीपनिवासिभिः वर्णाश्रमाचारयुताः प्रजास्तत्र निवेशिताः
medhātithestu putraistaiḥ plakṣadvīpanivāsibhiḥ varṇāśramācārayutāḥ prajāstatra niveśitāḥ
तदनन्तर मेधातिथि के उन पुत्रों ने—जो प्लक्षद्वीप में निवास करते थे—वर्ण और आश्रम के आचार से युक्त प्रजाओं को वहाँ बसाया, ताकि उस देश में धर्म स्थिर रहे।
Suta Goswami (narrating the cosmic geography and dharma-order to the sages at Naimisharanya)