ब्रह्मणो वरप्रदानम् — शिवस्य परत्वप्रतिपादनम् तथा वराहेण भूमेः पुनःस्थापनम्
तौ चोर्ध्वरेतसौ दिव्यौ चाग्रजौ ब्रह्मवादिनौ कुमारौ ब्रह्मणस्तुल्यौ सर्वज्ञौ सर्वभाविनौ
tau cordhvaretasau divyau cāgrajau brahmavādinau kumārau brahmaṇastulyau sarvajñau sarvabhāvinau
वे दोनों दिव्य कुमार ऊर्ध्वरेतस्, अग्रज और ब्रह्म के उपदेशक थे; तेज में ब्रह्मा के तुल्य, सर्वज्ञ और सर्वभाव-समर्थ थे।
Suta Goswami (narrating to the sages of Naimisharanya)