क्षुपदधीचिसंवादः — शिलादतपः, वरसीमा, मेघवाहनकल्पे त्रिदेवसमागमः
दिव्यं वर्षसहस्रं तु मेघो भूत्वावहद्धरम् नारायणो महादेवं बहुमानेन सादरम्
divyaṃ varṣasahasraṃ tu megho bhūtvāvahaddharam nārāyaṇo mahādevaṃ bahumānena sādaram
हज़ार दिव्य वर्षों तक नारायण मेघ बनकर जलधाराएँ बरसाते रहे और महादेव की भक्ति में बड़े मान-सम्मान से आदरपूर्वक सेवा करते रहे।
Suta Goswami