ध्यानयोगेन रुद्रदर्शनम् — रुद्रावतार-परिवर्तक्रमः, लकुली (कायावतार), पाशुपतयोगः, लिङ्गार्चन-निष्ठा
सूत उवाच निशम्यैवं महातेजा महादेवेन कीर्तितम् रुद्रावतारं भगवान् प्रणिपत्य महेश्वरम्
sūta uvāca niśamyaivaṃ mahātejā mahādevena kīrtitam rudrāvatāraṃ bhagavān praṇipatya maheśvaram
सूत बोले—महादेव द्वारा वर्णित रुद्रावतार का वृत्तांत सुनकर वह महातेजस्वी भक्त महेश्वर को प्रणाम करके परमेश्वर-पति को नमस्कार करने लगा।
Suta