ब्रह्मनारायणस्तवः — शिवस्य प्रभवत्व-प्रतिपादनम्
कवची पट्टिशी खड्गी धनुर्हस्तः परश्वधी अघस्मरो ऽनघः शूरो देवराजो ऽरिमर्दनः
kavacī paṭṭiśī khaḍgī dhanurhastaḥ paraśvadhī aghasmaro 'naghaḥ śūro devarājo 'rimardanaḥ
वह कवचधारी है, भाला और खड्ग धारण करता है; धनुष उसके हाथ में है और परशु उसका आयुध है। वह पाप का संहारक होकर भी निष्कलंक है; वीर प्रभु, देवों का राजा और शत्रुओं का मर्दन करने वाला है।
Suta Goswami (narrating the Shiva Sahasranama to the sages of Naimisharanya)