ब्रह्मनारायणस्तवः — शिवस्य प्रभवत्व-प्रतिपादनम्
नमश्चेन्द्रियपत्राणां लेलिहानाय स्रग्विणे विश्वाय विश्वरूपाय विश्वतः शिरसे नमः
namaścendriyapatrāṇāṃ lelihānāya sragviṇe viśvāya viśvarūpāya viśvataḥ śirase namaḥ
इन्द्रियों को पत्तों के समान धारण करने वाले प्रभु को नमस्कार; सबको लीलने वाले, माला-धारी देव को नमस्कार। विश्वस्वरूप, समस्त जगत्, और सब दिशाओं के शिखर-तुल्य विश्व-शिरोमणि को नमस्कार।
Suta Goswami (narrating a Shiva-stuti within the Linga Purana’s discourse)