ब्रह्मनारायणस्तवः — शिवस्य प्रभवत्व-प्रतिपादनम्
सुवर्चसे च वीर्याय शूराय ह्यजिताय च वरदाय वरेण्याय पुरुषाय महात्मने
suvarcase ca vīryāya śūrāya hyajitāya ca varadāya vareṇyāya puruṣāya mahātmane
अत्यन्त तेजस्वी, अच्युत पराक्रमी, शूर, अजेय; वरदाता, वरेण्य, परम पुरुष और महात्मा—पशु को पाश से मुक्त करने वाले पति शिव को नमस्कार।
Suta Goswami (narrating a Shiva-stuti within the Linga Purana discourse)