एकार्णव-सृष्टिक्रमः, ब्रह्म-विष्णु-परस्परप्रवेशः, शिवस्य आगमनं च
हेतुरस्याथ जगतः पुराणपुरुषो ऽव्ययः बीजी खल्वेष बीजानां ज्योतिरेकः प्रकाशते
heturasyātha jagataḥ purāṇapuruṣo 'vyayaḥ bījī khalveṣa bījānāṃ jyotirekaḥ prakāśate
यह समस्त जगत् का कारण वही अव्यय पुराणपुरुष है। वही बीजों का बीजी—सभी बीजों का मूल है; एकमात्र ज्योति होकर वही सबको प्रकाशित करता है।
Suta Goswami (narrating the Shaiva cosmological teaching to the Sages of Naimisharanya)