ईशानकल्पवृत्तान्तः तथा लैङ्गपुराणस्य संक्षेप-सूची
श्रद्धासाध्यो ऽथ रुद्रस्तु कथितं ब्रह्मणा तदा मधुना कैटभेनैव पुरा हृतगतेर्विभोः
śraddhāsādhyo 'tha rudrastu kathitaṃ brahmaṇā tadā madhunā kaiṭabhenaiva purā hṛtagatervibhoḥ
तब ब्रह्मा ने कहा कि रुद्र श्रद्धा से ही सुलभ हैं; और स्मरण कराया कि प्राचीन काल में मधु और कैटभ ने विभु की गति-बुद्धि को भी मोहित कर दिया था।
Suta Goswami (narrating Brahma’s statement within the narrative)