ईशानकल्पवृत्तान्तः तथा लैङ्गपुराणस्य संक्षेप-सूची
नानाविधानि दानानि प्रेतराजपुरं तथा कल्पं पञ्चाक्षरस्याथ रुद्रमाहात्म्यमेव च
nānāvidhāni dānāni pretarājapuraṃ tathā kalpaṃ pañcākṣarasyātha rudramāhātmyameva ca
यह अनेक प्रकार के दानों का वर्णन करता है, प्रेतराज यम की पुरी का भी; फिर पञ्चाक्षरी ‘नमः शिवाय’ के कल्प-विधान को और रुद्र—पशु को पाश से छुड़ाने वाले पति—की परम महिमा को घोषित करता है।
Suta Goswami