उमास्वयंवरः / भवोद्वाहः, गणसमागमः, अविमुक्तक्षेत्रमाहात्म्यम्, तथा विनायक-उत्पत्तिसूचना
स्वात्मानमपि देवाय सोदकं प्रददौ हरिः अथ सर्वे मुनिश्रेष्ठाः सर्ववेदार्थपारगाः
svātmānamapi devāya sodakaṃ pradadau hariḥ atha sarve muniśreṣṭhāḥ sarvavedārthapāragāḥ
हरि (विष्णु) ने भी विधिपूर्वक जल सहित अपना आत्मसमर्पण देव (शिव) को कर दिया। तब वेदों के समस्त अर्थ के पारगामी श्रेष्ठ मुनियों ने भी उसी भाव से अनुमोदन किया।
Suta Goswami