दक्षयज्ञध्वंसः—वीरभद्रप्रेषणं, देवविष्ण्वोः पराजयः, पुनरनुग्रहः
विष्णोर्योगबलात्तस्य दिव्यदेहाः सुदारुणाः
viṣṇoryogabalāttasya divyadehāḥ sudāruṇāḥ
विष्णु के योगबल के प्रभाव से उसके दिव्य देह अत्यन्त प्रचण्ड हो उठे—तेज और पराक्रम से भय उत्पन्न करने वाले।
Suta Goswami