अगम्यागमन-निष्कृति-निर्णयः
Expiations for Forbidden Sexual Relations
एतन्मन्त्रानुभावाच्च मथनं क्रियते यदि / तावुभौ पुण्यकर्माणौ न दोषो विद्यते तयोः
etanmantrānubhāvācca mathanaṃ kriyate yadi / tāvubhau puṇyakarmāṇau na doṣo vidyate tayoḥ
यदि इस मन्त्र के प्रभाव से मथन किया जाए, तो वे दोनों पुण्यकर्मा होते हैं; उनमें कोई दोष नहीं रहता।