अगम्यागमन-निष्कृति-निर्णयः
Expiations for Forbidden Sexual Relations
परस्परात्म्यैक्यहृदोर्देव्या भक्त्यार्द्रचेतसोः / तयोरपि मनाक्चेन्न निषिद्धदिवसेष्वघम्
parasparātmyaikyahṛdordevyā bhaktyārdracetasoḥ / tayorapi manākcenna niṣiddhadivaseṣvagham
जो परस्पर आत्मैक्य से एक-हृदय हैं और देवी-भक्ति से जिनके चित्त द्रवित हैं—उन दोनों के लिए भी, यदि तनिक भी (संयम न रहे) तो निषिद्ध दिनों में पाप होता है।