अगम्यागमन-निष्कृति-निर्णयः
Expiations for Forbidden Sexual Relations
बृहस्पतिरुवाच अगम्यागमनं नाम मातृस्वसृगुरुस्त्रियः / मातुलस्य प्रिया चेति गत्वेमा नास्ति निष्कृतिः
bṛhaspatiruvāca agamyāgamanaṃ nāma mātṛsvasṛgurustriyaḥ / mātulasya priyā ceti gatvemā nāsti niṣkṛtiḥ
बृहस्पति बोले—‘अगम्यागमन’ वह है: माता, मौसी (मातृ-स्वसा), गुरु की स्त्री, तथा मामा की प्रिया—इनके पास जाना। इनसे गमन करने पर कोई निष्कृति (प्रायश्चित्त) नहीं है।