ललितोपाख्याने मन्त्रतारतम्यकथनम्
Hierarchy of Mantras in the Lalitopākhyāna
घर्मवारिकणश्रेणीमुक्ताभूषितमूर्तयः / अत्यन्तरागतरलव्यापारनयनाञ्चलाः
gharmavārikaṇaśreṇīmuktābhūṣitamūrtayaḥ / atyantarāgataralavyāpāranayanāñcalāḥ
पसीने की बूंदों की पंक्ति मानो मोतियों की माला बनकर उनके अंगों को सजा रही थी; और अत्यंत अनुराग से उनके नेत्रों के कोने चंचल हो उठे।