ललितोपाख्याने मन्त्रतारतम्यकथनम्
Hierarchy of Mantras in the Lalitopākhyāna
ईषद्भूभङ्गमात्रेण स्तम्भको जृंभकस्तथा / उच्चाटको मोहकश्च मारको दुष्टचेतसाम्
īṣadbhūbhaṅgamātreṇa stambhako jṛṃbhakastathā / uccāṭako mohakaśca mārako duṣṭacetasām
भूमि के किंचित्-से भंग मात्र से वह स्तम्भन करने वाला और जृम्भण कराने वाला होता है; वह उच्चाटन, मोहन तथा दुष्टचित्तों का मारक भी है।