महापद्माटव्यार्घ्यस्थापनकथनम्
Establishing the Arghya in the Mahāpadmāṭavī
सर्वमन्त्रमयी शक्तिः सर्वद्वन्द्वक्षयङ्करी / एताश्च संप्रदायाख्याश्चक्रिणीपुरवासिनीः
sarvamantramayī śaktiḥ sarvadvandvakṣayaṅkarī / etāśca saṃpradāyākhyāścakriṇīpuravāsinīḥ
वह शक्ति समस्त मंत्रों से परिपूर्ण है और समस्त द्वन्द्वों का क्षय करने वाली है। ये शक्तियाँ ‘संप्रदाय’ नाम से प्रसिद्ध, चक्रिणीपुर में निवास करने वाली हैं।