भण्डासुरवधोत्तरकृत्य-देवस्तुति
Aftermath of Bhaṇḍāsura’s Slaying and the Gods’ Hymn to Lalitā
सर्वज्ञजातप्रथमाभिरन्यदेवी भिरप्याश्रितचक्रभूमे / सर्वामराकाङ्क्षितपूरयित्रि सर्वस्य लोकस्य सवित्रि पाहि
sarvajñajātaprathamābhiranyadevī bhirapyāśritacakrabhūme / sarvāmarākāṅkṣitapūrayitri sarvasya lokasya savitri pāhi
हे सर्वज्ञ से उत्पन्न प्रथम देवी, अन्य देवियों द्वारा भी आश्रित चक्र-भूमि वाली! समस्त अमरों की अभिलाषा पूर्ण करने वाली, समस्त लोक की सवित्री! रक्षा करो।