भण्डासुरवधोत्तरकृत्य-देवस्तुति
Aftermath of Bhaṇḍāsura’s Slaying and the Gods’ Hymn to Lalitā
वन्दे वशिन्यादिकवाग्विभूते वर्द्धिष्णुचक्र द्युतिवाहवाहे / बलाहकश्यामकचे वचो ऽब्धे वरप्रदे सुंदरि पाहि विश्वम्
vande vaśinyādikavāgvibhūte varddhiṣṇucakra dyutivāhavāhe / balāhakaśyāmakace vaco 'bdhe varaprade suṃdari pāhi viśvam
मैं वशिनी आदि कवि-वाणी की विभूति को वन्दन करता हूँ; वर्धिष्णु चक्र की द्युति को वहन करने वाली! मेघ-श्याम केश वाली, वाणी-समुद्र, वर देने वाली हे सुन्दरी—समस्त विश्व की रक्षा करो।