भण्डासुरवधोत्तरकृत्य-देवस्तुति
Aftermath of Bhaṇḍāsura’s Slaying and the Gods’ Hymn to Lalitā
संक्षोभिणीमुख्यचतुर्दशार्चिर्मालावृतोदारमहाप्रदीप्ते / आत्मानमाबिभ्रति विभ्रमाढ्ये शुभ्राश्रये शुभ्रपदे नमस्ते
saṃkṣobhiṇīmukhyacaturdaśārcirmālāvṛtodāramahāpradīpte / ātmānamābibhrati vibhramāḍhye śubhrāśraye śubhrapade namaste
हे संक्षोभिणी आदि मुख्य चौदह ज्वालाओं की माला से आवृत, उदार महाप्रदीप्ते! अपने स्वरूप को धारण करने वाली, विभ्रम-समृद्ध, शुभ्र आश्रय वाली, शुभ्र पद वाली देवी! तुम्हें नमस्ते।