भण्डासुरवधोत्तरकृत्य-देवस्तुति
Aftermath of Bhaṇḍāsura’s Slaying and the Gods’ Hymn to Lalitā
नित्ये निरातङ्कदयाप्रपञ्चे नीलालकश्रेणि नमोनमस्ते / अनङ्गपुष्पादिभिरुन्नदाभिरनङ्गदेवीभिरजस्रसेव्ये / अभव्यहन्त्र्यक्षरराशिरूपे हतारिवर्गे ललिते नमस्ते
nitye nirātaṅkadayāprapañce nīlālakaśreṇi namonamaste / anaṅgapuṣpādibhirunnadābhiranaṅgadevībhirajasrasevye / abhavyahantryakṣararāśirūpe hatārivarge lalite namaste
हे नित्ये, निरातंक करुणा-प्रपंचे, नील केश-श्रेणी से शोभिते! तुम्हें बार-बार नमस्कार। अनंग के पुष्पादि से उन्नत, अनंग-देवियों द्वारा निरंतर सेविते! अभव्य का नाश करने वाली, अक्षर-राशि-स्वरूपा, शत्रु-वर्ग का संहार करने वाली हे ललिते, तुम्हें नमस्ते।