भण्डासुरवधोत्तरकृत्य-देवस्तुति
Aftermath of Bhaṇḍāsura’s Slaying and the Gods’ Hymn to Lalitā
स वर्धमानो दिवसेदिवसे तीव्रविक्रमः / शिक्षितो निजतातेन सर्वा विद्या अवाप्तवान्
sa vardhamāno divasedivase tīvravikramaḥ / śikṣito nijatātena sarvā vidyā avāptavān
वह दिन-प्रतिदिन बढ़ते हुए अत्यन्त पराक्रमी हो गया। अपने पिता द्वारा शिक्षित होकर उसने समस्त विद्याएँ प्राप्त कर लीं।