भण्डपुत्रशोकः (Bhaṇḍa’s Lament for His Sons) — Lalitopākhyāna Episode
स कोशात्क्षिप्रमुद्धृत्य खड्गमुग्रं यमोपमम् / विस्फारिताक्षियुगलो भृशं जज्वाल तेजसा
sa kośātkṣipramuddhṛtya khaḍgamugraṃ yamopamam / visphāritākṣiyugalo bhṛśaṃ jajvāla tejasā
उसने म्यान से यमराज के समान भयंकर तलवार शीघ्र निकाली और विस्फारित (फटी हुई) नेत्रों वाला होकर वह तेज से अत्यधिक प्रज्वलित हो उठा।