भण्डपुत्रशोकः (Bhaṇḍa’s Lament for His Sons) — Lalitopākhyāna Episode
स एक एव वीरेद्रः प्रचलन्नाखुवाहनः / सप्ताक्षौहिणिकायुक्तं गजासुरममर्दयत्
sa eka eva vīredraḥ pracalannākhuvāhanaḥ / saptākṣauhiṇikāyuktaṃ gajāsuramamardayat
वह एकमात्र वीरेंद्र—मूषकवाहन—आगे बढ़कर सात अक्षौहिणी से युक्त गजासुर को रौंदकर मर्दित करने लगा।