विषङ्गपलायनम् (Viṣaṅga-palāyanam) — Aftermath of the First Battle Day
दैवान्नः स्वामिनीगात्रे दुष्टानाममरद्रुहाम् / शरादिकपरामर्शो न जातस्तेन जीवति
daivānnaḥ svāminīgātre duṣṭānāmamaradruhām / śarādikaparāmarśo na jātastena jīvati
दैववश स्वामिनी के शरीर में उन दुष्ट देवद्रोहियों का अन्न पड़ा; पर शर आदि का विचार भी न उठा, इसलिए वह जीवित रहा।