विषङ्गपलायनम् (Viṣaṅga-palāyanam) — Aftermath of the First Battle Day
अर्च्यमाना रणं चक्रे लघुहस्ता कुमारिका / द्वितीयं युद्धदिवसं समस्तमपि सा रणे
arcyamānā raṇaṃ cakre laghuhastā kumārikā / dvitīyaṃ yuddhadivasaṃ samastamapi sā raṇe
पूजित होती हुई उस लघुहस्ता कुमारिका ने रण रचा; और दूसरे युद्ध-दिवस में भी वह समस्त समय रणभूमि में ही डटी रही।