भण्डासुरस्य मन्त्रणा
Bhaṇḍāsura’s War-Counsel against Lalitā
ततश्चक्ररथेन्द्रस्य नवमे पर्वणि स्थिताः / अदृश्यमानशस्त्राणामदृश्यनिजवर्मणाम्
tataścakrarathendrasya navame parvaṇi sthitāḥ / adṛśyamānaśastrāṇāmadṛśyanijavarmaṇām
तब चक्ररथ-इन्द्र के नवम पर्व में वे स्थित हुए, जिनके शस्त्र भी अदृश्य थे और अपने कवच भी अदृश्य थे।