भण्डासुरस्य मन्त्रणा
Bhaṇḍāsura’s War-Counsel against Lalitā
इमं प्रसंगं वक्तुं च जिह्वा जिह्वेति मामकी / वनिता किमु मत्सैन्यं मर्द यिष्यति दुर्मदा
imaṃ prasaṃgaṃ vaktuṃ ca jihvā jihveti māmakī / vanitā kimu matsainyaṃ marda yiṣyati durmadā
यह प्रसंग कहने को मेरी जिह्वा ‘जिह्वा’ कहकर काँप उठती है—क्या वह दुर्मदा स्त्री मेरे सैन्य को रौंद डालेगी?