Bhaṇḍāsurāhaṅkāra
The Mustering of the Daitya Forces and the Roar of War
सुदुर्मदः क्रुधा रक्तो दृढेनैकेन पत्रिणा / संपत्करीमुकुटगं मणिमेकमपाहरत्
sudurmadaḥ krudhā rakto dṛḍhenaikena patriṇā / saṃpatkarīmukuṭagaṃ maṇimekamapāharat
अत्यन्त मद से उन्मत्त, क्रोध से रक्त नेत्रों वाला सुदुर्मद अपने एक दृढ़ बाण से सम्पत्करी के मुकुट में जड़े एक मणि को हर ले गया।