Bhaṇḍāsurāhaṅkāra
The Mustering of the Daitya Forces and the Roar of War
ज्वालाकपालः कल्पाग्निरिव चारुपयोनिधौ / दैत्यसैन्यानि निवहाः शक्तीनां पर्यवारयन्
jvālākapālaḥ kalpāgniriva cārupayonidhau / daityasainyāni nivahāḥ śaktīnāṃ paryavārayan
ज्वालाकपाल, मानो प्रलयाग्नि हो, उस रम्य रण-सागर में; शक्तियों के प्रहार से दैत्य-सेनाओं के समूहों को चारों ओर से घेरकर नष्ट करने लगा।