Bhaṇḍāsurāhaṅkāra
The Mustering of the Daitya Forces and the Roar of War
रक्तारुणायां युद्धोर्व्यां पतितैश्छत्रमण्डलैः / आलंबि तुलना संध्यारक्ताभ्रहिमरोचिषा
raktāruṇāyāṃ yuddhorvyāṃ patitaiśchatramaṇḍalaiḥ / ālaṃbi tulanā saṃdhyāraktābhrahimarociṣā
रक्त-लाल रणभूमि पर गिरे हुए छत्र-मण्डलों की शोभा ऐसी झूल रही थी, मानो संध्या के रक्तिम बादलों की आभा से उसकी तुलना हो।