Daṇḍanāthāviniryāṇa
The Departure/March of Daṇḍanāthā
किमसौ धक्ष्यति रुषा विश्वमद्यैव पोत्रिणी / किं वा मुसलघातेन भूमिं द्वेधा करिष्यति
kimasau dhakṣyati ruṣā viśvamadyaiva potriṇī / kiṃ vā musalaghātena bhūmiṃ dvedhā kariṣyati
क्या यह क्रोध में आज ही समस्त विश्व को जला डालेगी, हे पोत्रिणी? अथवा क्या यह मुसल-प्रहार से पृथ्वी को दो भागों में कर देगी?