Daṇḍanāthāviniryāṇa
The Departure/March of Daṇḍanāthā
तस्यामसुरसंहारे प्रवृत्तायां ज्वलत्क्रुधि / उद्वेगं बहुलं प्राप त्रैलोक्यं सचराचरम्
tasyāmasurasaṃhāre pravṛttāyāṃ jvalatkrudhi / udvegaṃ bahulaṃ prāpa trailokyaṃ sacarācaram
उसके असुर-संहार में प्रवृत्त, ज्वलन्त क्रोध वाली होने पर, चर-अचर सहित समस्त त्रैलोक्य को घोर उद्वेग ने आ घेरा।