ललिताप्रादुर्भाव-स्तुति
Lalita’s Cosmic Praise and Body–Cosmos Correspondences
प्रत्याहारस्त्विद्रिंयाणि ध्यानं ते धीस्तु सत्तमा / मनस्ते धारणाशक्तिर्हृदयं ते समाधिकः
pratyāhārastvidriṃyāṇi dhyānaṃ te dhīstu sattamā / manaste dhāraṇāśaktirhṛdayaṃ te samādhikaḥ
हे देवी, इन्द्रियों का प्रत्याहार तुम्हारा स्वरूप है; ध्यान तुम्हारी उत्तम बुद्धि है। मन तुम्हारी धारणा-शक्ति है और हृदय तुम्हारा समाधि-स्वरूप है।