ललिताप्रादुर्भाव-स्तुति
Lalita’s Cosmic Praise and Body–Cosmos Correspondences
स्तनौ स्वाहास्वधाकरौ लोकोज्जीवनकारकौ / प्राणायामस्तु ते नासा रसना ते सरस्वती
stanau svāhāsvadhākarau lokojjīvanakārakau / prāṇāyāmastu te nāsā rasanā te sarasvatī
स्वाहा और स्वधा को प्रकट करने वाले तेरे स्तन लोक का जीवन-पालन करते हैं। प्राणायाम तेरी नासिका है और सरस्वती तेरी जिह्वा है।