Mānasasṛṣṭi-varṇana (Account of Mind-born Creation) | मानससृष्टिवर्णनम्
या त्वर्द्धा सृज्यते नारी शतरूपा व्यजायत / सा देवी नियुतं तप्त्वा तपः परम दुश्चरम्
yā tvarddhā sṛjyate nārī śatarūpā vyajāyata / sā devī niyutaṃ taptvā tapaḥ parama duścaram
जो अर्धांश से सृजित नारी शतरूपा उत्पन्न हुई, उस देवी ने अत्यन्त दुश्चर, परम तप को नियुत काल तक तपाया।