लोकज्ञान-वर्णन (Lokajñāna-varṇana) — Description of World-Knowledge / Cosmogonic Classification
तस्य क्रोधोद्भवो यो ऽसावग्निगर्भः सुदारुणः / स तान्सर्प्पान् सहोत्पन्नानाविवेश विषात्मकः
tasya krodhodbhavo yo 'sāvagnigarbhaḥ sudāruṇaḥ / sa tānsarppān sahotpannānāviveśa viṣātmakaḥ
उसका क्रोध-जनित जो अत्यन्त दारुण ‘अग्निगर्भ’ था, वह विष-स्वरूप होकर, साथ ही उत्पन्न हुए उन सर्पों में प्रविष्ट हो गया।