लोकज्ञान-वर्णन (Lokajñāna-varṇana) — Description of World-Knowledge / Cosmogonic Classification
हीना ये शिरसो बालाः पन्नाश्चैवापसर्पिणः / बालात्मना स्मृता व्याला हीनत्वादहयः स्मृताः
hīnā ye śiraso bālāḥ pannāścaivāpasarpiṇaḥ / bālātmanā smṛtā vyālā hīnatvādahayaḥ smṛtāḥ
जो सिर से रहित थे, वे ‘बाल’ कहलाए; और जो रेंगते हुए गिरे, वे ‘पन्न’ कहे गए। बाल-स्वभाव से वे ‘व्याल’ और हीनत्व के कारण ‘अहय’ माने गए।