लोकज्ञान-वर्णन (Lokajñāna-varṇana) — Description of World-Knowledge / Cosmogonic Classification
तेन ते कर्मणा यक्षा गुह्यकाः क्रूरकर्मिणः / रक्षेति पालने चापि धातुरेष विभाव्यते
tena te karmaṇā yakṣā guhyakāḥ krūrakarmiṇaḥ / rakṣeti pālane cāpi dhātureṣa vibhāvyate
उस कर्म के कारण वे यक्ष और गुह्यक कहलाए, जिनके कर्म कठोर थे। ‘रक्ष्’ धातु का अर्थ ‘पालन/रक्षा’ भी यहाँ समझा जाता है।