Varāha-uddhāraṇa and the Re-constitution of Bhū-maṇḍala
Earth after Pralaya
ज्ञानं परं कृतयुगे त्रेतायां यज्ञ उच्यते / पवृत्तं द्वापरे युद्धं स्तेयमेव कलौ युगे
jñānaṃ paraṃ kṛtayuge tretāyāṃ yajña ucyate / pavṛttaṃ dvāpare yuddhaṃ steyameva kalau yuge
कृतयुग में परम ज्ञान श्रेष्ठ कहा गया है, त्रेता में यज्ञ का विधान है। द्वापर में युद्ध प्रवृत्त होता है, और कलियुग में चोरी ही प्रधान हो जाती है।