Lokakalpanā / The Ordering of the Worlds
Cosmogony and Earth’s Retrieval
ब्रह्म तु सलिले तस्मिन्नवाग् भूत्वा तदा चरन् / निशायामिव खद्योतः प्रापृट्काले ततस्ततः
brahma tu salile tasminnavāg bhūtvā tadā caran / niśāyāmiva khadyotaḥ prāpṛṭkāle tatastataḥ
तब ब्रह्म उस जल में नीचे की ओर होकर विचरने लगे; जैसे रात्रि में जुगनू इधर-उधर चमकता है, वैसे ही वे प्रलय-काल में सर्वत्र घूमते रहे।