Lokakalpanā / The Ordering of the Worlds
Cosmogony and Earth’s Retrieval
उद्गातात्रो होमलिङ्गः फलबीजमहोषधीः / वाद्यन्तरात्मसत्रस्य नास्मिकासो मशोणितः
udgātātro homaliṅgaḥ phalabījamahoṣadhīḥ / vādyantarātmasatrasya nāsmikāso maśoṇitaḥ
वहाँ उद्गाता ही होम का लिङ्ग था; फल, बीज और महान् औषधियाँ (उसकी सामग्री थीं)। अन्तरात्मा के यज्ञ में वाद्य-ध्वनि थी, और नासिका का स्राव मानो मच्छर का रक्त था।