Lokakalpanā / The Ordering of the Worlds
Cosmogony and Earth’s Retrieval
वेदस्कन्धो हविर्गन्धिर्हव्यकव्यादिवेगवान् / प्राग्वंशकायो द्युतिमान् नानादीक्षाभिरन्वितः
vedaskandho havirgandhirhavyakavyādivegavān / prāgvaṃśakāyo dyutimān nānādīkṣābhiranvitaḥ
वह वेद-स्कन्ध स्वरूप है, हवि की सुगंध से युक्त, हव्य-कव्य के वेग से परिपूर्ण। प्राचीन वंश-देह वाला, तेजस्वी, अनेक दीक्षाओं से संयुक्त है।