Lokakalpanā / The Ordering of the Worlds
Cosmogony and Earth’s Retrieval
समुद्राश्चैव मेघाश्च आपश्चैवाथ पार्थिवाः / शरमाणा व्रजन्त्येव सलिलाख्यास्तथाचलाः
samudrāścaiva meghāśca āpaścaivātha pārthivāḥ / śaramāṇā vrajantyeva salilākhyāstathācalāḥ
समुद्र, मेघ, और पृथ्वी के जल—सब लज्जित-से हट जाते हैं; ‘सलिल’ नामक वे जल और पर्वत भी वैसे ही चले जाते हैं।