व्यासशिष्योत्पत्तिवर्णन (Origins/Enumeration of Vyāsa’s Disciplic Succession) — Chapter on Vedic Transmission Lineages
सकृदेव कृतं सर्वं यद्वै लोके कृताकृतम् / श्रोतव्यं वा श्रुतं वापि तथैवासाधु साधु वा
sakṛdeva kṛtaṃ sarvaṃ yadvai loke kṛtākṛtam / śrotavyaṃ vā śrutaṃ vāpi tathaivāsādhu sādhu vā
लोक में जो कुछ कृत-अकृत है, वह सब एक ही बार में किया हुआ है; जो सुनने योग्य है या सुना हुआ, तथा जो असाधु हो या साधु—सब वैसा ही है।