Amāvasyā-Pitṛtarpaṇa: Purūravas and the Soma-Based Ancestral Offering (अमावस्या-पितृतर्पण / सोमतर्पण-विधि)
दीर्घायुषो ऽतिशुष्काश्च श्मश्रुलाश्च विवाससः / क्षुत्पिपासापरीताश्च विद्रवन्तस्ततस्ततः
dīrghāyuṣo 'tiśuṣkāśca śmaśrulāśca vivāsasaḥ / kṣutpipāsāparītāśca vidravantastatastataḥ
वे दीर्घायु होकर भी अत्यन्त सूखे, दाढ़ी-युक्त, वस्त्रहीन, भूख-प्यास से घिरे हुए, इधर-उधर दौड़ते फिरते हैं।